मार्जिन और मार्कअप में फ़र्क
दोनों में मुनाफ़ा एक ही है, बस उसे अलग-अलग रकम से भाग देते हैं:
- मार्जिन = मुनाफ़ा ÷ बिक्री कीमत × 100 — हर ₹100 की बिक्री में कितना मुनाफ़ा है।
- मार्कअप = मुनाफ़ा ÷ लागत × 100 — लागत के ऊपर आपने कितना जोड़ा।
उदाहरण: आपने सामान ₹80 में खरीदा और ₹100 में बेचा। मुनाफ़ा ₹20। मार्जिन = 20 ÷ 100 = 20%, लेकिन मार्कअप = 20 ÷ 80 = 25%। इन दोनों को मिला देना सबसे आम वजह है कि दुकानदार को लगता है वह जितना कमा रहा है, असल में उससे कम कमाता है।
मनचाहे मार्जिन के लिए कीमत कैसे तय करें
बिक्री कीमत = लागत ÷ (1 − मार्जिन ÷ 100)।
उदाहरण: लागत ₹80 और आपको 30% मार्जिन चाहिए → ₹80 ÷ 0.70 = ₹114.29। (लागत में 30% जोड़ने से सिर्फ़ ₹104 बनता है — यानी 23% मार्जिन।)
GST का क्या?
मार्जिन हमेशा GST से पहले की कीमत पर निकालें। ग्राहक से लिया GST सरकार का पैसा है, आपका मुनाफ़ा नहीं। कैलकुलेटर GST मिलाकर कीमत अलग से दिखाता है — टैक्स के बंटवारे के लिए GST कैलकुलेटर देखें।
हर आइटम का असली मार्जिन जानें
एक गिनती से एक आइटम का पता चलता है। सैकड़ों आइटम वाली दुकान में लागत हर हफ़्ते बदलती है — और मार्जिन चुपचाप घटता रहता है। हर आइटम या रेसिपी की लागत ट्रैक करना और हर बिल पर मुनाफ़ा देखना ही यह जानने का तरीका है कि कौन सा आइटम सच में कमाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मार्जिन और मार्कअप में क्या फ़र्क है?
मार्जिन मुनाफ़े को बिक्री कीमत के प्रतिशत में दिखाता है; मार्कअप लागत के प्रतिशत में। ₹80 में खरीदकर ₹100 में बेचना 20% मार्जिन है, लेकिन 25% मार्कअप।
30% मार्जिन के लिए बिक्री कीमत कैसे निकालें?
लागत को 0.70 से भाग दें। ₹80 की लागत पर कीमत ₹80 ÷ 0.70 = ₹114.29 (GST से पहले)।
क्या मार्जिन में GST जोड़ना चाहिए?
नहीं। मार्जिन GST से पहले की कीमत पर निकालें। ग्राहक से लिया GST सरकार को जाता है, वह आपका मुनाफ़ा नहीं है।
क्या यह कैलकुलेटर फ्री है?
हां — फ्री है, साइनअप नहीं चाहिए और मोबाइल पर चलता है।